Bhudan Yag (PB)

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Description

भूदान का सूत्रपात तेलंगाना से हुआ था। पांच वर्ष में विनोबाजी मध्य प्रदेश, मध्य भारत, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, बंगाल में पैदल घूमे और उसके बाद उनकी यात्रा दक्षिण में चली। प्रस्तुत पुस्तक में विनोबाजी के दो प्रारंभिक प्रवचन दिए गए हैं। जिनमें उन्होंने भू-दान की पृष्ठभूमि, तात्विक विचार-धारा, स्पष्ट की थी। इन प्रवचनों का आज भी ऐतिहासिक महत्व है, कारण कि वे भूदान की मूल कल्पना और मूल भावना पर प्रकाश डालते हैं। वे आज भी ताजे हैं। परिशिष्ट में उनका एक बाद का प्रवचन दे दिया गया है, जिसमें उन्होंने पिछले कार्य का सिंहावलोकन किया है। पाठकों की जानकारी के लिए कुछ अन्य उपयोगी सामग्री भी पुस्तक के शुरू तथा अंत में जोड़ दी गई है।

Additional information

Weight 42 g
Dimensions 12.2 × 17.10 × 0.50 cm

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