Naga Parvat Ki Ek Ghatana (HB)

180

ISBN: 978-81-7309-4
Pages: 160
Edition: Second
Language: Hindi
Year: 2011
Binding: Hard Bound

Availability: 490 in stock Category:

Description

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन’ अज्ञेय’ हिंदी के युगद्रष्टा साहित्यकार हैं। कविता, कहानी, उपन्यास, आलोचना, निबंध, यात्रा संस्मरण आदि सभी विधाओं को उन्होंने अपने लेखन से समृद्ध किया और उनकी रचनाएँ हर क्षेत्र में प्रतिमान प्रमाणित साबित हुईं। अन्य विधाओं की तरह अज्ञेय ने कहानी के क्षेत्र में भी अनेक सार्थक प्रयोग किए। उनकी कहानियाँ मानव-मन के द्वंद्व और संघर्ष को विस्तृत फलक पर लाती हैं। इस पुस्तक में अज्ञेय की बारह प्रतिनिधि कहानियाँ संकलित की गई हैं। साथ में चर्चित आलोचक प्रो. कृष्णदत्त पालीवाल की विवेचनपरक महत्वपूर्ण भूमिका भी समाहित है जिससे पाठक को अज्ञेय की कहानियों को व्यापक परिप्रेक्ष्य में समझने में सहायक सिद्ध होगी। आशा है अज्ञेय के सुधी पाठक इस संकलन से लाभान्वित होंगे।

Additional information

Weight 295 g
Dimensions 14.5 × 22.5 × 1.10 cm

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