Dharam Aur Shadachar

$0,60

Author: LIO TOTLTOY
ISBN: 978-81-7309-406-4
Pages: 115
Language: HINDI
Year: 2009

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Description

महर्षि टाल्स्टाय से भारतीय पाठक अच्छी तरह से परिचित है। उनके बहुत से साहित्य का हिंदी में अनुवाद हुआ है और उसने बड़ा मना और लोकप्रियता प्राप्त की है। वस्तुतः टाल्स्टाय के साहित्य की उपयोगिता देश-काल तक ही सीमित नहीं है, वह सब काल और सबके लिए समान रूप से उपयोगी है। प्रस्तुत पुस्तक में उनके धर्म-संबंधी तीन महत्वपूर्ण निबंधों (1) धर्म क्या है (2) धर्म और नैतिकता (3) धर्म और तर्क का हिदी रूपांतर है। टाल्स्टाय का दृष्टिकोण अत्यंत व्यापक है। अतः इन तीनों निबंधों में उन्होंने धर्म, सदाचार, नैतिकता आदि के संबंध में बहुत ही विशद रूप में विचार किया है। यह पुस्तक बताती है कि हमारे जीवन में धर्म का क्या स्थान है, हमें कैसा धर्म चाहिए, सदाचार और नैतिकता क्यों आवश्यक है ओर बिना नैतिक गुणों के हमारी क्या स्थिति होती है।

Additional information

Weight 100 g
Dimensions 18 × 12 × 0,4 cm

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