Aprigarh Aur Anashakti

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Author: YAS PAL JAIN
ISBN: 978-81-7309-269-5

Pages: 56
Language: HINDI
Year: 2019

Availability: 100 in stock Category:
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Description

मानव जीवन में सबसे अधिक महत्व इस बात का है कि व्यक्ति अपनी आवश्यकता के अनुसार वस्तुओं को अपने पास सीमित रखे और उनमें भी किसी प्रकार की आसक्ति न रखे। परिग्रह का अर्थ है आसक्ति। हम में से अधिकांश व्यक्ति अपार धन संपदा एकत्र करते हैं और उसी में अपने जीवन की सफलता मानते हैं। इससे बड़ा भ्रम और कोई हो नहीं सकता। वस्तु नाशवान है। वह कभी किसी के पास स्थायी रूप से नहीं रहती। इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य समाज और राष्ट्र के चरित्र को समुन्नत करना है।

Additional information

Weight 59 g
Dimensions 17.9 × 11.9 × 0.3 cm

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