Girdhar Ki Shubodh Kundaliya (PB)

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ISBN:  81-7309-106-4
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Description

इस पुस्तक माला की यह पुस्तक बहुत ही सुपाठ्य तथा उपयोगी है। इसकी सामग्री का चुनाव संत-साहित्य के मर्मज्ञ श्री वियोगी हरि जी ने किया है और चुनाव में इस बात पर सावधानी रखी है कि पाठकों को नीति और अध्यात्म की केवल ऐसी रचनाएं मिलें, जो सहज ही समझ में आ जाएं। उन रचनाओं को और भी बोधगम्य बनाने के लिए उन्होंने उनका अर्थ भी दे दिया है। श्री वियोगी हरि जी स्वयं उच्च कोटि के कवि हैं। अतः उनका अर्थ भी अत्यंत सरस है और उससे उन रचनाओं का आकर्षण और भी बढ़ गया है। भावों की स्पष्टता के लिए कहीं-कहीं संकलनकर्ता ने कुछ टिप्पणियां भी दे दी हैं।

Additional information

Weight 50 g
Dimensions 12.1 × 17.8 × 0.50 cm

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