Om Namo Bhagwate Vasudeway/ओम नमो भगवते वासुदेवाय 75/-
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Author: MANDELEYA PARAMARSH KOSH
ISBN:
Pages: 102
Language: Hindi
Year: 2004
Binding: Hard Cover
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Book Description
ओम नमो भगवते वासुदेवाय
कहा गया है कि भक्त और भगवान् का परस्पर का प्रेमसंबंध है-‘हम भक्तन के भक्त हमारे’। भक्त की भक्ति-भावना में कमी हो सकती है, पर भगवान् सदैव अपने भक्त का स्मरण रखते हैं। जिस किसी ने भी जिज्ञासु होकर, आत्र्त होकर और स्वार्थ-भावना से भी तथा ज्ञानपूर्वक अनन्य रूप से एक बार भी भगवान का स्मरण किया, उसका दुःख हरने के लिए वे तुरंत दौड़े आते हैं। दूसरे सारे सहारे छोड़कर केवल एक भगवान का आश्रय पकड़ लेना ही अनन्य भक्ति-भावना है। यह नित्य के अभ्यास से ही संभव है। परंतु अभ्यास में अहंकार नहीं होना चाहिए। यह अभ्यास भगवान के अनुग्रह से ही बन सकता है। प्रस्तुत पुस्तक इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए पाठको के समझ प्रस्तुत है।

Verified owner tripathisanjeev81 (verified owner) –
यह पुस्तक अमृत समान है