Rajkumar Ki Partigya (PB)

40

ISBN:
Pages:
Edition:
Language:
Year:
Binding:

Availability: 50 in stock Category:

Description

यह उपन्यास इतना रोचक है कि बच्चे इसे एक बार हाथ में लेकर बिना समाप्त किए छोड़ नहीं सकेंगे। वस्तुतः लेखक की भाषा बड़ी सहज-सरल है और उनकी शैली में अपने ढंग का अनोखा प्रवाह है। यद्यपि इसे उन्होंने मुख्यतः बच्चों के लिए लिखा है, तथापि बड़े पढ़ेंगे तो उन्हें भी आनंद आए बिना नहीं रहेगा। कहानी लेखक ने ऐसी चुनी है, जो छोटे-बड़े सबके लिए आकर्षक है। परियों की कहानी, जादू की नगरी और सागर पार करने की घटना आदि उनके मन को गुदगुदाएंगी और सिंहल द्वीप और उसकी राजकुमारी पद्मिनी की गाथा उन्हें उस रूपसी के मोहपाश में बांधे बिना नहीं रहेगी। पाठकों से हमारा अनुरोध है कि वे इस उपन्यास को स्वयं तो पढ़ें ही, दूसरों को भी पढ़वाएं, स्वयं आनंद लें, दूसरों को भी दिलवाने का श्रेय लें।

Additional information

Weight 45 g
Dimensions 18 × 12 × 0.5 cm

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Rajkumar Ki Partigya (PB)”


Best Selling Products

Top Rated products

You've just added this product to the cart: