Author: S.L.BHYRAPPA Pages: 265 Language: HINDI Year: 2018 Binding: Both
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Book Description
यान
सुप्रसिद्ध कन्नड़ रचनाकार एस.एल. भैरप्पा का उपन्यास ‘यान’ हिंदी पाठकों को उपलब्ध कराते हुए ‘सस्ता साहित्य मण्डल प्रकाशन’ गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। भारतीय एवं पश्चिमी दर्शन के मर्मज्ञ भैरप्पा के लेखन का फलक बहुत व्यापक एवं बहुमुखी है। अंतरिक्ष विज्ञान को केंद्र में रखकर लिखा गया उपन्यास ‘यान’ वैज्ञानिक उपलब्धियों के संदर्भ में बदलती मानवीय स्थितियों को उद्घाटित करता है। वैज्ञानिक संस्थाओं, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं से निकट संपर्क से अपना कच्चा माल ग्रहण कर उसे समकालीन यथार्थ और सामाजिक-सांस्कृतिक मनोभूमिका से जोड़ते हुए भैरप्पा ने सर्जनात्मक कल्पना का अद्भुत उपयोग यहाँ किया है। अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र द्वारा प्रेक्षित उपग्रह प्राक्सिमा सेंटारिस पर मनुष्य की नई दुनिया के विस्तार की आकांक्षा है। इस यान में सवार अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के यौन जीवन, संतानोत्पत्ति, वंश विस्तार की संभावनाओं और स्वरूप के अध्ययन-अनुसंधान को केंद्र में रखता यह उपन्यास हिंदी में अनूदित अपने ढंग का अनूठा उपन्यास है। वैज्ञानिक प्रगति के प्रयासों और मानवीय मनोविज्ञान की टकराहट ने इसे हमारे समय के जीवंत यथार्थ से जोड़ा है। अनुसंधान की अपेक्षाओं के लिए अपने जीवन को सदा के लिए समर्पित कर इस यान पर जाने वाले अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की मानवीय भावनाओं, अपेक्षाओं, आकांक्षाओं, कुंठाओं से उपजी समस्याओं को उजागर करते इस उपन्यास का हिंदी समाज में स्वागत होगा ऐसा हमें विश्वास है।
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