Panchtantra Kee Kahaniyan

250450

ISBN: 978-81-7309-5
Pages: 440
Edition: First
Language: Hindi
Year: 2011
Binding: Paper Back

SKU: N/A Category:
Clear
View cart

Description

भारतीय साहित्य ही नहीं, विश्व साहित्य में भी ‘पंचतंत्र’ का स्थान अति । महत्त्वपूर्ण है। इसकी लोकप्रियता भारत से बाहर भी शिखर पर रही

है। विश्व के लगभग सभी प्रमुख भाषाओं में इस महान रचना का अनुवाद इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है।

भारतीय परंपरा में व्यक्तित्व के समग्र विकास को शिक्षा का उद्देश्य माना गया है। किताबी ज्ञान के बदले अनुभव संपृक्त व्यावहारिक ज्ञान को आदर्श माना गया है ताकि एक जिम्मेदार नागरिक, सुसंस्कृत समाज और कल्याणकारी राष्ट्र का निर्माण हो सके। यह पुस्तक हमारी उसी शिक्षा पद्धति की महत्त्वपूर्ण कड़ी है। ‘पंचतंत्र’ लोक-संपृक्त आँखिन देखी ‘ज्ञानराशि’ का अक्षय भंडार है। भगवान सिंह ने अपनी भूमिका में ठीक ही लिखा है कि भारतीय कृतियों में पंचतंत्र अकेली ऐसी रचना है जिसे सही अर्थ में दुनिया का सबसे पुराना ज्ञानकोश कहा जा सकता है।

भगवान सिंह भारतीय वाङ्मय के मर्मज्ञ हैं। ‘पंचतंत्र की कहानियाँ उनकी मौलिक सृजनात्मकता का भी प्रमाण है। उनकी सारगर्भित भूमिका के साथ पंचतंत्र का यह प्रामाणिक पाठ नि:संदेह भीड़ से अलग है। इसे पाठक भी महसूस करेंगे।

Additional information

Weight 475 g
Dimensions 13.10 × 21.5 × 2.5 cm
Book Binding

Hard Cover, Paper Back

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Panchtantra Kee Kahaniyan”