Pauranik Kathayen (Part-I)

85160

ISBN: 978-81-7309-5
Pages: 111
Edition: First
Language: Hindi
Year: 2011
Binding: Paper Back

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Description

हमारा भारतीय वाङ्गमय नैतिक तथा प्रेरक कथाओं का भंडार है। विभिन्न पुराणों में अनगिनत ऐसी कहानियाँ हैं, जिनसे हमारी नई पीढ़ी अपरिचित है। दरअसल भूमंडलीकरण के इस दौर में हम हरेक क्षेत्र में पश्चिम पर निर्भर होते जा रहे हैं। यहाँ तक कि बच्चों की कहानियाँ, कार्टून, कॉमिक्स हरेक पात्र गैर भारतीय हैं। ऐसे में हमारे बच्चे अपनी संस्कृति और परंपराओं से भला कैसे जुड़ सकते हैं ? निस्संदेह अगर कोशिश की जाए तो हम अपनी प्राचीन कथा पात्रों से ‘सुपरमैन’ और ‘स्पाइडरमैन’ को टक्कर दे सकते हैं।

हिंदी के चर्चित लेखन बालशौरि रेडी ने इस पुस्तक में पुराणों में। बिखरे हुए उन कहानियों को संक्षिप्त और सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। जिससे कि न सिर्फ बच्चे बल्कि हर वर्ग के पाठक प्रेरणा ले सकते हैं। इतना ही नहीं, ये कहानियाँ एक जिम्मेदार नागरिक के चरित्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बशर्ते कि हम इनसे दोस्ती कर लें।

Additional information

Weight 275 g
Dimensions 17.10 × 21.5 × 1 cm
Book Binding

Hard Cover, Paper Back

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