Singhasan Batisi/सिहासन बत्तीसी-यशपाल जैन 80/-
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₹80
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Author: YASH PAL JAIN
ISBN: 81-7309-347-0
Pages: 54
Language: Hindi
Year: 2017
Binding: Paper Cover
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Book Description
सिहासन बत्तीसी
इस माला में बड़ी सरस-सुबोध भाषा में भारत की आत्मा की झांकी दिखाने का प्रयत्न किया गया है। भारत संतों, विद्वानों, वीरों, पर्वतों, तीर्थों, नदियों, वनों आदि-आदि का देश है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूर्व से लेकर पश्चिम तक संस्कृति की ऐसी धारा प्रवाहित होती है, जो सारे देश को एक और अखंड बनाती है।
भारत में अनेक धर्म हैं, अनेक भाषाएं हैं, नाना प्रकार के आचार-विचार हैं, लेकिन फिर भी अनेकता के बीच एकता दिखाई देती है। इसका कारण यह है कि हमारे संतों और महापुरुषों ने कभी मनुष्य के बाहरी भेदों पर जोर नहीं दिया। उन्होंने इंसान को इंसान के रूप में देखा । संत, तीर्थ, पर्वत, नदियां आदि किसी धर्म-विशेष के नहीं होते, सबके होते हैं। | इस माला की पुस्तकों के पीछे हमारी यही भावना है कि पाठक अपने देश को अच्छी तरह देखें, उसके असली रूप को पहचानें और एक महान देश के नागरिक के नाते उनके जो कर्तव्य हैं, उनका पालन करें।
पुस्तकों की भाषा इतनी आसान है कि कम पढ़-लिखे पाठक भी इन्हें अच्छी तरह पढ़ और समझ सकते हैं। प्रत्येक पुस्तक में कई-कई चित्र भी दिये गए हैं।
हम आशा करते हैं कि पाठक इन पुस्तकों को बड़े चाव से पढ़ेंगे, दूसरों को पढ़वायेंगे और इनका भरपूर लाभ लेंगे।

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