Subhasit Sapdsati/सुभाषित सप्तदशी-मंगलदेव शास्त्री 35/-
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Book Description
सुभाषित सप्तदशी
उत्तम विचारों के पठन-पाठन और स्वाध्याय से प्रत्येक व्यक्ति को अपने विकास में बड़ी सहायता मिलती है। उसे पता चलता है कि जीवन का उद्देश्य क्या है और किस रास्ते पर चलने से उसे स्थायी शांति और सच्चे सुख की प्राप्ति हो सकती है।
संसार के सभी उन्नत देशों के साहित्य में अच्छे विचार मिलते हैं। हमारा भारतीय साहित्य, विशेषकर प्राचीन साहित्य तो, विचार-रत्नों की। खान है। वैदिक, संस्कृत और पालि वाङ्मय इस दृष्टि से अद्वितीय है।
सविचारों से हरकोई लाभ उठाना चाहता है, लेकिन आज के युग में शायद ही कोई ऐसा सौभाग्यशाली व्यक्ति होगा, जिसके पास उस सारे साहित्य का पारायण करने का अवकाश और क्षमता हो।
विद्वान् लेखक ने इस पुस्तक में प्राचीन वाङ्मय के चुने हुए सुभाषितों का संग्रह करके एक बहुत ही लोकोपयोगी कार्य किया है। लेखक का अध्ययन बड़ा गहन और व्यापक है तथा उसका अधिक-से-अधिक लाभ उन्होंने पाठकों को देने का प्रयत्न किया है। गागर में सागर भर दिया है।

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